राहु का वृषभ राशि में प्रवेश आपकी राशि में फल
September २०२० राहु राशि परिवर्तन करके वृषभ राशि में प्रवेश कर चुके हैं ।राहु का यह राशि परिवर्तन आपकी जन्म राशि के आधार पर क्या फल देता है यह जानिए। अधिक स्पष्ट और सही भविष्य कथन के लिए जन्म कुंडली स्थित ग्रहों एवं गोचर की अन्य ग्रह की राशि दृष्टि दशा अंतर्दशा के आधार से निर्णय किया जाता है योग्य मार्गदर्शन के लिए आप हमारा संपर्क कर सकते हैं धन्यवाद।
मेष राशि
मेष राशि वालों को अपनी राशि से द्वितीय स्थान से राहु भ्रमण करेगा। अत: वह जातकों को कुटुंब एक समस्या याने पारिवारिक समस्या लग्न जीवन में मतभेद और वियोग जीवनसाथी के आरोग्य संबंधित प्रश्न उत्पन्न हो सकते हैं अपनी वाणी और वर्तन पर संयम रखना आवश्यक है शेयर मार्केट लॉटरी इत्यादि से नुकसान होने की संभावना है कोई भी नया साहस या इन्वेस्टमेंट करनेसे पहले पूर्ण विगत और जांच कर आगे बढ़े। शिव जी एवं दत्त बावनी करने से लाभ है।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों को अपनी राशि में ही राहु का भ्रमण हो रहा है। अतः उनके विचारों में चंचलता अस्थिरता अधिरता,भ्रामक विचार और स्वार्थी विचारों के कारण निर्णय लेने में तकलीफ उत्पन्न हो सकती है। इन्हीं कारण कभी कभी निराशा या डिप्रेशन देखने को मिलता है। योग्य प्लानिंग और आयोजन के आधार पर ही कार्य करें तो बेहतर रिजल्ट मिलेगा इनमें भी अगर आपकी जन्मकुंडली में 369 और 11 स्थान में राहु है तो थोड़ा सा लाभ होगा। दांत की एवं चेहरे का अधिक ध्यान दे। क्रॉस डिजाइन के कपड़े एवं ब्राउन रंग के कपड़े पहने ना पहने। अपने जीवन साथी के साथ मतभेद और संतान के साथ छोटे-मोटे टकराव हो सकते हैं।
मिथुन राशि
मिथुन राशि में द्वादश भाव में भ्रमण करता है अतः द्वादश भाव में राहु बंधन खर्च व्यर्थ भ्रमण ,विदेश संबंधित प्रश्न बंधन योग, चिंता एवं मृत्यु समान पीड़ा देता है ।मित्र भाई बहन इत्यादि कुटुंबीजनों से मतभेद हो सकते हैं ।
आर्थिक व्यवहार में धन की लेना देने में आवश्यक ध्यान रखना जरूरी है नहीं तो धन का नुकसान होने की संभावना है ।यह समय में शेयर मार्केट सट्टा एवं समझफेर या मतभेद जैसे प्रसंग में अपने व्यवहार पर संयम रखें। गणपति की उपासना करने से राहत मिलेगी।
कर्क राशि
कर्क राशि वाले जातकों की कुंडली में राहु जन्म राशि से एकादश स्थान में भ्रमण करता है। अतः नौकरी धंधा में प्रमोशन एवं धन लाभ हो सकता है। सरकारी लाभ एवं मित्रों से भी लाभ मिल सकता है। नवीन कार्य की शुरुआत हो सकती है जो लाभ कारक है। किंतु स्थिर आवक और संतान के बारे में थोड़ी चिंता रहती है। प्रवास और यात्रा से लाभ मिलता है ।आपको यह राहु शुभ फल देता है किंतु अधिक महत्वाकांक्षा के कारण यदि आप आरोग्य का ध्यान नहीं रखेंगे तो हेल्थ का प्रश्न उत्पन्न हो सकता है । हेल्थ की ध्यान रखना आवश्यक है।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के दशम स्थान से राहु भ्रमण करता है ।सिंह राशि के जातकों को प्रत्येक कार्य के अंदर विलंब-अवरोध मिलते हैं किंतु वह अपने प्रत्येक पड़कार को पूर्ण करने की ताकत भी रखेंगे। इसी कारण से व्यक्तिगत मान प्रतिष्ठा का लाभ हो सकता है। किंतु चैलेंजिंग समय के कारण अपनी मानसिक स्थिति की स्थिरता बनाए रखना आवश्यक है। माता की तबीयत जमीन-मकान और कुटुंब के प्रश्न उत्पन्न हो सकते हैं। लग्न - विवाह इत्यादि कार्य के विलंब हो सकते हैं। राहु का यह भ्रमण आपको अचानक आए हुए प्रत्येक चैलेंज/मुसीबत का सामना करना सिखाएगा। राहु जिससे आपका एक नया व्यक्तित्व का निर्माण करेगा।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों को राहु नवम स्थान से भ्रमण करता है यह राहु आप को आप की प्लानिंग के अनुसार सफलता नहीं देता है इसलिए कोई भी कार्य के अंदर थोड़ा सा परिवर्तन होकर कार्य पूर्ण हो सकता है ।जिसको स्वीकारने की भावना बनाए रखें ।राहु आपको नौकरी और धंधा बिजनेस में स्थान परिवर्तन या भ्रमण के योग दिखाता है जातकों को प्रवास और यात्रा से धन लाभ हो सकता है। विदेश संबंधित सगा संबंधी से धन लाभ हो सकता है ।अर्थात यह राहु भ्रमण से और यात्रा से ही आपको फायदा कर सकता है नहीं तो आपका मन भ्रमण करेगा जो आपको मानसिक अस्वस्थ था दे सकता है।
तुला राशि
तुला राशि में राहु अशांति कोर्ट कचहरी दावा विवाद कोई पर कोई भी कार्य में विघ्न दिखाता है जातक को मृत्यु तुल्य पीड़ा एवं धीरज की कमी होती है पेट संबंधित या अपनी पुरानी रोग का प्रश्न उत्पन्न हो सकता है।शनि का शुभगोचर भ्रमण होने थोड़ी राहत मिलती है । यदि आप की कुंडली में राहु शुभ फलदायक होने पर का यह अष्टम स्थान में भ्रमण करता रहा राहू अचानक मुसीबतों के साथ अचानक धन लाभ या कोई उच्च होने का लाभ भी दे सकता है।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि में राहु सप्तम स्थान में भ्रमण करता है यह राहु जातक के सप्तम स्थान में या ने लग्न जीवन भागीदारी एवं सामाजिक प्रतिष्ठा विघ्न पैदा कर सकता है ।भागीदारी एवं लग्न जीवन में छोटी-छोटी गैर समझ या मतभेद होने के कारण बड़ा प्रश्न उत्पन्न हो सकता है। विजातीय मित्रों के साथ ध्यान पूर्वक व्यवहार करना आवश्यक है यह राहु मानसिक-अस्वस्थता,चिंता काल्पनिक भय एवं छोटे-मोटे विघ्न पैदा करता है। अपनी मानसिक अस्वस्थता के कारण शारीरिक पीड़ा उत्पन्न होने की संभावना है।
धनराशि
धनराशि में राहु षष्ठ स्थान में से भ्रमण करता है जो आपको एक नई ऊर्जा और महत्वाकांक्षा देता है। अपने पुराने प्रश्नों का निवारण मिलेगा ।अपने आत्मविश्वास और हकारात्मक विचारों के कारण कार्य पूर्ण होंगे । षष्ट स्थान में भ्रमण करता राहु शत्रु पर विजय मिला देता है ।धनु राशि को यह राहु सुख ,नौकरी व्यवसाय में सफलता, नौकर चाकर का सुख और अपने अपूर्ण कार्य को पूर्ण करने की ताकत देता है ।किंतु अधिक महत्वाकांक्षा के कारण अपनी पुरानी बीमारी पर ध्यान न देने से तकलीफ उत्पन्न हो सकती है। राहू आर्थिक, सामाजिक,मकान वाहन और नई साहस में शुरू करने में सफलता देता है।
मकर राशि
मकर राशि में राहु पंचम स्थान में भ्रमण करता है ।अतः मकर राशि के जातकों को नए विजातीय मित्र से मित्रता होने की संभावना है, जिसके कारण मानसिक तनाव एवं अभ्यास में एकाग्रता की कमी रहती है। अचानक धन लाभ प्राप्ति करने के हिसाब से शेर सट्टा और लॉटरी के अंदर धन को गुमाने की संभावना अधिक है। अपनी वाणी एवं बर्तन पर काबू रखना अति आवश्यक है ।वाहन और मिल्कत में लाभ हो सकता है एवं अपने पुराने प्रश्नों का निवारण मिल सकता है। यह राहु मकर राशिके जातक को सचेत रहकर और अपनी कुंडली के अन्य ग्रहों के आधार पर लाभ और नुकसान को देखने की सलाह देता है ।अधिक लालच करना नुकसान कारक है।
कुंभ राशि
कुंभ राशि में राहु चौथे स्थान से भ्रमण करता है कुंभ राशि के जातकों को पितरों संबंधित मिल्कत याने भीलवाड़ा में तकलीफ या विवाद देखने को मिलता है अपने भाई बहनों से विवाद और मतभेद और माता-पिता से कष्ट और वियोग देखने को मिलेगा स्थावर मिलकर वाहन पद प्रतिष्ठा में प्रतिकूलता एवं अवरोध दिखाई देते हैं मिल्कत पर कर्ज या मिल कर ले वेश में लेने और बेचने में ध्यान रखना आवश्यक है यह राहु आपको अभिमानी एवं अहंकारी बनाएगा जिसके कारण कुटुंब और संबंधी मित्रों आप से थोड़ी दूर हो जाएंगे एव आर्थिक मानसिक और शारीरिक पीड़ा होने की संभावना है।
मीन राशि
मीन राशि से राहु तृतीय स्थान में भ्रमण करता है ।अतः मीन राशि के जातकों को यह राहु लाभ कारक है यह जीवन के अच्छे समय को दिखाएगा जातक के अंदर साहस वृत्ति महत्वाकांक्षा एवं पराक्रम जैसी गुण उत्पन्न होते हैं ।अपने भाई बहनों से हुए मतभेदों को दूर करता है। यह लग्न जीवन के प्रश्न का निवारण लाएगा यह राहु व्यवसाय और नौकरी में यह गोचर का राहु आर्थिक एवं मानसिक रूप से अति लाभ कारक है यह अपने जीवन के अच्छे समय का अनुभव करेंगे।
मेष राशि
मेष राशि वालों को अपनी राशि से द्वितीय स्थान से राहु भ्रमण करेगा। अत: वह जातकों को कुटुंब एक समस्या याने पारिवारिक समस्या लग्न जीवन में मतभेद और वियोग जीवनसाथी के आरोग्य संबंधित प्रश्न उत्पन्न हो सकते हैं अपनी वाणी और वर्तन पर संयम रखना आवश्यक है शेयर मार्केट लॉटरी इत्यादि से नुकसान होने की संभावना है कोई भी नया साहस या इन्वेस्टमेंट करनेसे पहले पूर्ण विगत और जांच कर आगे बढ़े। शिव जी एवं दत्त बावनी करने से लाभ है।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों को अपनी राशि में ही राहु का भ्रमण हो रहा है। अतः उनके विचारों में चंचलता अस्थिरता अधिरता,भ्रामक विचार और स्वार्थी विचारों के कारण निर्णय लेने में तकलीफ उत्पन्न हो सकती है। इन्हीं कारण कभी कभी निराशा या डिप्रेशन देखने को मिलता है। योग्य प्लानिंग और आयोजन के आधार पर ही कार्य करें तो बेहतर रिजल्ट मिलेगा इनमें भी अगर आपकी जन्मकुंडली में 369 और 11 स्थान में राहु है तो थोड़ा सा लाभ होगा। दांत की एवं चेहरे का अधिक ध्यान दे। क्रॉस डिजाइन के कपड़े एवं ब्राउन रंग के कपड़े पहने ना पहने। अपने जीवन साथी के साथ मतभेद और संतान के साथ छोटे-मोटे टकराव हो सकते हैं।
मिथुन राशि
मिथुन राशि में द्वादश भाव में भ्रमण करता है अतः द्वादश भाव में राहु बंधन खर्च व्यर्थ भ्रमण ,विदेश संबंधित प्रश्न बंधन योग, चिंता एवं मृत्यु समान पीड़ा देता है ।मित्र भाई बहन इत्यादि कुटुंबीजनों से मतभेद हो सकते हैं ।
आर्थिक व्यवहार में धन की लेना देने में आवश्यक ध्यान रखना जरूरी है नहीं तो धन का नुकसान होने की संभावना है ।यह समय में शेयर मार्केट सट्टा एवं समझफेर या मतभेद जैसे प्रसंग में अपने व्यवहार पर संयम रखें। गणपति की उपासना करने से राहत मिलेगी।
कर्क राशि
कर्क राशि वाले जातकों की कुंडली में राहु जन्म राशि से एकादश स्थान में भ्रमण करता है। अतः नौकरी धंधा में प्रमोशन एवं धन लाभ हो सकता है। सरकारी लाभ एवं मित्रों से भी लाभ मिल सकता है। नवीन कार्य की शुरुआत हो सकती है जो लाभ कारक है। किंतु स्थिर आवक और संतान के बारे में थोड़ी चिंता रहती है। प्रवास और यात्रा से लाभ मिलता है ।आपको यह राहु शुभ फल देता है किंतु अधिक महत्वाकांक्षा के कारण यदि आप आरोग्य का ध्यान नहीं रखेंगे तो हेल्थ का प्रश्न उत्पन्न हो सकता है । हेल्थ की ध्यान रखना आवश्यक है।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के दशम स्थान से राहु भ्रमण करता है ।सिंह राशि के जातकों को प्रत्येक कार्य के अंदर विलंब-अवरोध मिलते हैं किंतु वह अपने प्रत्येक पड़कार को पूर्ण करने की ताकत भी रखेंगे। इसी कारण से व्यक्तिगत मान प्रतिष्ठा का लाभ हो सकता है। किंतु चैलेंजिंग समय के कारण अपनी मानसिक स्थिति की स्थिरता बनाए रखना आवश्यक है। माता की तबीयत जमीन-मकान और कुटुंब के प्रश्न उत्पन्न हो सकते हैं। लग्न - विवाह इत्यादि कार्य के विलंब हो सकते हैं। राहु का यह भ्रमण आपको अचानक आए हुए प्रत्येक चैलेंज/मुसीबत का सामना करना सिखाएगा। राहु जिससे आपका एक नया व्यक्तित्व का निर्माण करेगा।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों को राहु नवम स्थान से भ्रमण करता है यह राहु आप को आप की प्लानिंग के अनुसार सफलता नहीं देता है इसलिए कोई भी कार्य के अंदर थोड़ा सा परिवर्तन होकर कार्य पूर्ण हो सकता है ।जिसको स्वीकारने की भावना बनाए रखें ।राहु आपको नौकरी और धंधा बिजनेस में स्थान परिवर्तन या भ्रमण के योग दिखाता है जातकों को प्रवास और यात्रा से धन लाभ हो सकता है। विदेश संबंधित सगा संबंधी से धन लाभ हो सकता है ।अर्थात यह राहु भ्रमण से और यात्रा से ही आपको फायदा कर सकता है नहीं तो आपका मन भ्रमण करेगा जो आपको मानसिक अस्वस्थ था दे सकता है।
तुला राशि
तुला राशि में राहु अशांति कोर्ट कचहरी दावा विवाद कोई पर कोई भी कार्य में विघ्न दिखाता है जातक को मृत्यु तुल्य पीड़ा एवं धीरज की कमी होती है पेट संबंधित या अपनी पुरानी रोग का प्रश्न उत्पन्न हो सकता है।शनि का शुभगोचर भ्रमण होने थोड़ी राहत मिलती है । यदि आप की कुंडली में राहु शुभ फलदायक होने पर का यह अष्टम स्थान में भ्रमण करता रहा राहू अचानक मुसीबतों के साथ अचानक धन लाभ या कोई उच्च होने का लाभ भी दे सकता है।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि में राहु सप्तम स्थान में भ्रमण करता है यह राहु जातक के सप्तम स्थान में या ने लग्न जीवन भागीदारी एवं सामाजिक प्रतिष्ठा विघ्न पैदा कर सकता है ।भागीदारी एवं लग्न जीवन में छोटी-छोटी गैर समझ या मतभेद होने के कारण बड़ा प्रश्न उत्पन्न हो सकता है। विजातीय मित्रों के साथ ध्यान पूर्वक व्यवहार करना आवश्यक है यह राहु मानसिक-अस्वस्थता,चिंता काल्पनिक भय एवं छोटे-मोटे विघ्न पैदा करता है। अपनी मानसिक अस्वस्थता के कारण शारीरिक पीड़ा उत्पन्न होने की संभावना है।
धनराशि
धनराशि में राहु षष्ठ स्थान में से भ्रमण करता है जो आपको एक नई ऊर्जा और महत्वाकांक्षा देता है। अपने पुराने प्रश्नों का निवारण मिलेगा ।अपने आत्मविश्वास और हकारात्मक विचारों के कारण कार्य पूर्ण होंगे । षष्ट स्थान में भ्रमण करता राहु शत्रु पर विजय मिला देता है ।धनु राशि को यह राहु सुख ,नौकरी व्यवसाय में सफलता, नौकर चाकर का सुख और अपने अपूर्ण कार्य को पूर्ण करने की ताकत देता है ।किंतु अधिक महत्वाकांक्षा के कारण अपनी पुरानी बीमारी पर ध्यान न देने से तकलीफ उत्पन्न हो सकती है। राहू आर्थिक, सामाजिक,मकान वाहन और नई साहस में शुरू करने में सफलता देता है।
मकर राशि
मकर राशि में राहु पंचम स्थान में भ्रमण करता है ।अतः मकर राशि के जातकों को नए विजातीय मित्र से मित्रता होने की संभावना है, जिसके कारण मानसिक तनाव एवं अभ्यास में एकाग्रता की कमी रहती है। अचानक धन लाभ प्राप्ति करने के हिसाब से शेर सट्टा और लॉटरी के अंदर धन को गुमाने की संभावना अधिक है। अपनी वाणी एवं बर्तन पर काबू रखना अति आवश्यक है ।वाहन और मिल्कत में लाभ हो सकता है एवं अपने पुराने प्रश्नों का निवारण मिल सकता है। यह राहु मकर राशिके जातक को सचेत रहकर और अपनी कुंडली के अन्य ग्रहों के आधार पर लाभ और नुकसान को देखने की सलाह देता है ।अधिक लालच करना नुकसान कारक है।
कुंभ राशि
कुंभ राशि में राहु चौथे स्थान से भ्रमण करता है कुंभ राशि के जातकों को पितरों संबंधित मिल्कत याने भीलवाड़ा में तकलीफ या विवाद देखने को मिलता है अपने भाई बहनों से विवाद और मतभेद और माता-पिता से कष्ट और वियोग देखने को मिलेगा स्थावर मिलकर वाहन पद प्रतिष्ठा में प्रतिकूलता एवं अवरोध दिखाई देते हैं मिल्कत पर कर्ज या मिल कर ले वेश में लेने और बेचने में ध्यान रखना आवश्यक है यह राहु आपको अभिमानी एवं अहंकारी बनाएगा जिसके कारण कुटुंब और संबंधी मित्रों आप से थोड़ी दूर हो जाएंगे एव आर्थिक मानसिक और शारीरिक पीड़ा होने की संभावना है।
मीन राशि
मीन राशि से राहु तृतीय स्थान में भ्रमण करता है ।अतः मीन राशि के जातकों को यह राहु लाभ कारक है यह जीवन के अच्छे समय को दिखाएगा जातक के अंदर साहस वृत्ति महत्वाकांक्षा एवं पराक्रम जैसी गुण उत्पन्न होते हैं ।अपने भाई बहनों से हुए मतभेदों को दूर करता है। यह लग्न जीवन के प्रश्न का निवारण लाएगा यह राहु व्यवसाय और नौकरी में यह गोचर का राहु आर्थिक एवं मानसिक रूप से अति लाभ कारक है यह अपने जीवन के अच्छे समय का अनुभव करेंगे।
Very informative!
ReplyDeleteReally Amazing...& Informative....
ReplyDeleteNice piece of information
ReplyDeleteThanks
DeleteGood information
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