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Showing posts from October, 2020

मेष लग्न

मेष लग्न वाले मनुष्य मध्यम कद के मुख और गर्दन लंबी होती है बॉडी पार्ट्स मजबूत होते हैं आंखें ब्लैक और तीव्र दृष्टि होती है स्वभाव से यह भोले सीधे मुंह पर बोलने वाले सुशील हिम्मतवार साहसिक उदार स्वतंत्र लड़ा यक थोड़े इंसानों और छोटी बातों पर तकरारी रामानी होते हैं सत्ता पर नौकरी करने वाले होते हैं उद्यमी होते हैं बुद्धि सारी और चंचल होते हैं मानसिक उम्र में उनकी थोड़ी सी कमी होती है और रीति रिवाज में फेरफार करने वाले होते हैं विश्वासों और दयालु होते हैं। बार-बार अपने रहता या रेसिडेंस को चेंज करने वाले होते हैं मशीनरी एजेंट और 27 की पदवी पर काम करते हैं और देश गमन ज्यादा करते हैं इनकी यहां संतान कम संख्या में होते हैं इनको वोमिटिंग पेट के लगती और आंख की और पक्की सामान्य पीड़ा रहती है प्राप्त उच्च स्थिति में से यह गिरते हैं यानी अपने जीवन के अंदर बार-बार अपडाउन आता रहता है वियोग के प्रसंग में इस पर रहते हैं मित्रों की मदद से यह बहुत अधिक प्रोग्रेस करते हैं खेती और लगने के बाद ज्यादा लाभ होता है पैसा और मिल्कत के संबंधित कोर्ट केस और तकरार इनके लाइफ में होती है जिसमें स्त्रियों का अधिक भाग...

ग्रह स्वरूप

सूर्य ग्रह सूर्य ग्रहों का राजा है विराट गुगराले बाल, चातुर बुद्धि मुख्य स्वरूप, मध्यम कद ,मधु और पिंगल वर्ण युक्त, सुंदर नेत्र ,शूरवीर तेजस्वी , रक्त श्याम मिश्रित वर्ण, पितृ प्रकृति, हड्डी -सार युक्त ,महान गंभीर ,चतुष्कोण ,विपुल बाहु युक्त पितांबर धारी सूर्य का स्वरूप है ।पूर्व दिशा का स्वामी , ग्रहों का राजा, सूर्य से कटु रस ,देवस्थान ,मोटा वस्त्र, ताम्र धातु और अयन का निर्णय करते हैं। चंद्र ग्रह चंद्रमा सौम्य, सुंदर नेत्र युक्त ,मृदुभाषी ,गौर वर्ण, युवा उन्नत ,सूक्ष्म तथा सरल काले बाल युक्त , सात्विक,वात कफ प्रकृति युक्त,मित्र प्रिय, रक्तसार युक्त, दयावान, वृद्धि स्त्री में लीन, अत्यंत सुंदर और श्वेत पितांबर धारी ।चंद्रमा से नमकीन रस ,जल स्थान, नवीन वस्त्र ,मणि धातु, मुहूर्त निर्णय एवं वर्षा निर्णय किया जाता है। मंगल ग्रह   मंगल सेनापति है। मंगल छोटे कद वाला, पिंगल नेत्र वाला, दृढ़ शरीर,ज्वलित अग्नि के समान क्रांति युक्त, चंचल नेत्रयुक्त, लाल वस्त्र धारी, अत्यंत चतुर, शूर, हस्व तथा सुंदर केशवाला, युवा,पित्त प्रकृति, तमोगुण, साहसी, घात कुशल ,लाल गौर वर्ण युक्त होता है। मंगल लाल ...

२७ नक्षत्र

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नक्षत्र यानि आकाश में स्थित तारा के समूह। .. भारतीय ज्योतिषशास्त्र में जन्मकुंडली के आधार पर शुभ -अशुभ फल निर्णय होते है। जन्मकुंडली याने जन्म के समय पूर्व क्षितिज पर उदित राशि। .. किन्तु  शुभ-अशुभ फल का निश्चित समय का निर्णय करने के लिए दशा-अन्तर्दशा,गोचर के ग्रह,वेध विचार जैसे बहुत से विषयो को ध्यान में ले कर फल निर्णय कह शकते है । प्रथम नक्षत्र से विचार करे..... ज्योतिष शास्त्र में पृथ्वी को पिंड (स्थिर) समजे तो सूर्य का जो भ्रमण मार्ग है उसे क्रांतिवृत्त कहा जाता है। अर्थात वो ३६० डिग्री का वृत हुआ । उस  के १२ राशि में विभाजित करने पर प्रत्येक राशि ३० डिग्री की प्रत्येक राशि होती है। इसी वृत को २७ नक्षत्रो से विभाजित करने पर प्रत्येक नक्षत्र १३ ° २०` होता है। हमारा शास्त्र प्रत्येक नक्षत्र को ४ से विभाजित करता है । अर्थात १ नक्षत्र में ४ पाद (भाग) या चरण होता है। इसीलिए १ राशि में २ नक्षत्र ओर तीसरे नक्षत्र का १ चरण(भाग ) आता है।  १ राशि =30 ° १ नक्षत्र =13° २०` अर्थात १ राशि=९ नक्षत्र चरण मेष राशि में  अश्विनी(13° २०`) ,भरणी(13° २०`) ,कृतिका का प्रथम...