२७ नक्षत्र


नक्षत्र यानि आकाश में स्थित तारा के समूह। ..
भारतीय ज्योतिषशास्त्र में जन्मकुंडली के आधार पर शुभ -अशुभ फल निर्णय होते है।
जन्मकुंडली याने जन्म के समय पूर्व क्षितिज पर उदित राशि। .. किन्तु  शुभ-अशुभ फल का निश्चित समय का निर्णय करने के लिए दशा-अन्तर्दशा,गोचर के ग्रह,वेध विचार जैसे बहुत से विषयो को ध्यान में ले कर फल निर्णय कह शकते है । प्रथम नक्षत्र से विचार करे.....
ज्योतिष शास्त्र में पृथ्वी को पिंड (स्थिर) समजे तो सूर्य का जो भ्रमण मार्ग है उसे क्रांतिवृत्त कहा जाता है।
अर्थात वो ३६० डिग्री का वृत हुआ । उस  के १२ राशि में विभाजित करने पर प्रत्येक राशि ३० डिग्री की प्रत्येक राशि होती है। इसी वृत को २७ नक्षत्रो से विभाजित करने पर प्रत्येक नक्षत्र १३ ° २०` होता है।
हमारा शास्त्र प्रत्येक नक्षत्र को ४ से विभाजित करता है । अर्थात १ नक्षत्र में ४ पाद (भाग) या चरण होता है।
इसीलिए १ राशि में २ नक्षत्र ओर तीसरे नक्षत्र का १ चरण(भाग ) आता है।
 १ राशि =30 °
१ नक्षत्र =13° २०`
अर्थात १ राशि=९ नक्षत्र चरण
मेष राशि में  अश्विनी(13° २०`) ,भरणी(13° २०`) ,कृतिका का प्रथम चरण (3° २०`)
वृषभ राशि में कृतिका (१० ° २०`),रोहिणी (13° २०`),मृगशीर्ष  के प्रथम २ चरण (६° ४०`)
मिथुन  राशि में मृगशीर्ष के अंतिम २ चरण (६° ४०`),आर्द्रा (13° २०`),पुर्नवर्सु के तीन चरण(१०°)
कर्क राशि के पुर्नवर्सु के अंतिम चरण  (3° २०`),पुष्य (13° २०`) ,आश्लेषा के दो चरण (६° ४०`)
सिंह राशि में मघा(13° २०`) ,पूर्वा फाल्गुनी (13° २०`) ,उत्तरा फाल्गुनी का प्रथम चरण (3° २०`)
कन्या राशि में उत्तर फाल्गुनी के अंतिम तीन चरण(१०°),हस्त(13° २०`),चित्रा के दो चरण(६° ४०`)
तुला राशि में चित्रा के अंतिम दो चरण(६° ४०`),स्वाति (13° २०`),विशाखा के तीन  चरण(१०° )
वृश्चिक राशि में विशाखा का अंतिम चरण (3° २०`),अनुराधा (13° २०`) ,ज्येष्ठा(13° २०`)
धन राशि में मूल (13° २०`) ,पूर्वाषाढ़ा (13° २०`) ,उतरा षाढ़ा का प्रथम चरण (3° २०`)
मकर राशि में उतरा षाढ़ा के तीन चरण (१०° ),श्रवण (13° २०`),धनिष्ठा के दो चरण(६° ४०`)
कुंभ राशि में धनिष्ठा के दो चरण (६° ४०`),शतभिषा  (13° २०`) ,पूर्वा भाद्रपद के तीन चरण (१० ° )
मीन राशि में पूर्व भाद्रपद का अंतिम चरण  (3° २०`),उत्तराभाद्रपद  (13° २०`) ,रेवती  (13° २०`)

1. अश्विनी नक्षत्र :-
यह नक्षत्र में पैदा हुए इंसान हर कार्य को जल्दी से पूर्ण करने वाला पवन की गति के समान शौर्य और  पराक्रम के गुण होते हैं। यह नक्षत्र का राशि स्वामी मंगल है और नक्षत्र आदि पति केतु होता है त्याग और सेवाभावी स्वभाव अश्विनी नक्षत्र में देखने को मिलता है ।
प्रथम चरण (तस्कराश) :- नव माउस का प्रथम राशि मेष नवमांश पति मंगल है
शरीर :- सुदृढ़ तंदुरुस्त,लाल छाट युक्त आंखें,थोड़े बड़े दांत, स्थूल एवं छोटे नख, सिर पर या चेहरे पर तक,लाखु, मसा या गिरने या जलने के चिन्ह होते हैं।वर्ण वर्ण का होता है।
स्वभाव :- को कार्यरत, ईर्ष्या युक्त,वस्त्र अलंकार के शौकीन,अस्थिर मन के निर्भयी,समाज में सुखी कुटुंब में पैदा हुए, पति या पत्नी अन्य में अधिक रस रखने वाले,छोटी सी उम्र में  माता-पिता संबंधित एक की एक के सुख की हानि होती है या मृत्यु योग होता है।
व्यवसाय :- लश्कर ,मशीनरी, रेलवे ,कत्लखाना, जॉकी, रसोई के संबंधित या इंडस्ट्री से संबंधित नौकरी या धंधा होता है।

द्वितीय चरण (भोग्यंश) :- राशि मेष नवमांश वृषभ राशि का अधिपति शुक्र है।
शरीर :- लाला संयुक्त आंखें छोटे और मोटे नख, तंदुरुस्त होने पर भी रिंकू नियुक्त माथे और चेहरे पर तरसाया गिरने जलने के चिन्हा।
स्वभाव :- स्त्री गुण युक्त, प्रख्यात, विषयी,वैभवी, विद्वान, सद्गुणी, देशांतर करने वाला या अन्य देश में रहने वाला, घर भंजन।
व्यवसाय :- जानवर के डॉक्टर, फौजदारी, ताम्र धातु से संबंधित व्यवसाय करने वाला, बॉयलर, रेलवे ,खेती, लश्करी एवं पुलिस की के संबंधित कार्य करता है।

तृतीय चरण (पंडितांश) :- राशि मेष नवमाशमिथुन राशि का पति बुध है।
शरीर :- माथे या चेहरे पर निशान युक्त, शीतला बलिया या खिल आदि के चिह्न,चेहरे पर गौर वर्ण, छोटे एवं मोटे नख, बड़े दांत होते हैं।
स्वभाव :- समजू,वैभवी, विद्वान,शास्त्र आदि ने पूर्ण कवि लेखक, आनंदी किंतु क्रोधी, हिम्मत वान,आगे पीछे करने की आदत वाला।
व्यवसाय :- कोर्ट कचहरी, जेल, पुलिस, जमीन संबंधित व्यवसाय, मिस्त्री, लोखंड ,स्टील प्से संबंधित कार्य,ट्रस्टी एवं फैक्ट्री में मैनेजर होता है।

चतुर्थ चरण( धनांश) :- नवमांश कर्क राशि पति चंद्र
शरीर :- चेहरे या माथे पर चिन्ह, आगे बड़े दांत, छोटे एवं मोटे नख, पतला शरीर किंतु मजबूत
स्वभाव :- वस्त्रा अलंकार परफ्यूम कॉस्मेटिक के शौकीन, लोकप्रिय, शत्रु विजयी, स्थिर मन, हमदर्दी, हिम्मत वाले, तूफानी तत्व युक्त होते हैं।
व्यवसाय :- मिस्त्री,ऑफिसर,लोखंड स्टील से युक्त कार्य करने वाले, जमीन और खान के संबंधित व्यवसाय करने वाले,क्लर्क टाइपिस्ट, कंप्यूटर से संबंधित कार्य करने वाले, स्टेनोग्राफर, मैकेनिकल और दलाल होते हैं।




 
2. भरणी नक्षत्र :- इकट्ठा करना उसका अर्थ होता है ।
राशि स्वामी मंगल उग्रता युक्त पराक्रम का नक्षत्र स्वामी शुक्र की तरह आनंदी और लहरी स्वभाव का होता है। 
शरीर :- तुलनात्मक मजबूत शरीर वाला, रक्त वर्ण वाला, सुंदर आकर्षक एवं डीप नेत्र, करली बाल,चेहरे पर निशान, 
स्वभाव :- स्पोर्ट्समैन,आनंदी,बीड़ी-तंबाकू के व्यसनी, इश्की,। लोभी, गरमपीणा के शौकीन,अपनी इच्छा के अनुसार कार्य कराने वाले होते हैं।
व्यवसाय :- वाजिंत्र एवं संगीत के इंस्ट्रूमेंट के व्यापारी, प्रदर्शन एग्जीबिशन से संबंधित कार्य करने वाले,चित्रकला संबंधित कार्य करने वाले, एडवरटाइजिंग, टीवी रेडियो से संबंधित कार्य करने वाले होते हैं।

द्वितीय चरण (नपुशाक) :- मेष राशि नवमांश कन्या राशि पति बुध है।
शरीर :- लाल या श्वेत वर्ण,सुंदर, मजबूत एवं डीप नेत्र तंदुरुस्त, चेहरे पर निशान
स्वभाव :- लोभी, विजय, दानी, लावणी शील,आनंदी, महत्वाकांक्षी
व्यवसाय :- चांदी रूपा आदि धातु से संबंधित,सीने स्टूडियो, स्किन डॉक्टर ,मेटरनिटी होम, सिनेमा होम, नाटक और चेटक के संबंधित,अनाज -करियाणा से संबंधित व्यवसाय करते हैं।

तृतीय चरण (अभ्यांश) :- नवमांश ७, मेष राशि नवमांश  तुला राशि पति शुक्र। 
शरीर :-सुदृढ़, दिखने में नाजुक, सर्दी कफ वाले, आगे दांत वाले, 
स्वभाव :- रंगीन मिजाजी, परफ्यूम कॉस्मेटिक आदि के शौकीन, अप टू डेट रहने वाले, मजाक मस्करी आनंदी और पार्टी के शौकीन, नाटक चेटक सिनेमा के शौकीन ,कपड़ों के शौकीन होते हैं ।
व्यवसाय :- स्पोर्ट संबंधित,सुवर्णा से संबंधित कार्य करने वाले, कारीगरी-सिनेमा - डेरी -इनकम टैक्स- सेल टैक्स -जज वकील -मैजिस्ट्रेट -फर्टिलाइजर -खेती -कपड़ा के व्यवसाई -डॉक्टर विद और वस्त्रा अलंकार के व्यवसाय में होते हैं।

चतुर्थ चरण (पापांश) :- नवमांश 8, मेष राशि नवमांश वृश्चिक राशि पति मंगल है।
शरीर :- ऊंचा एवं गेहूं वर्ण का, भूखरे काले बाल, मजबूत शरीर युक्त,लाल छाट से युक्त आंखें,जल्दी चलने वाला और चेहरे पर निशान होता है ।
स्वभाव :- क्रोधी, समय के आग्रही, द्वेषी, अस्थिर, दृष्टि दोष, डखीला,अभिमानी एवं घातकि होते हैं।
व्यवसाय :- सेक्स के संबंधित, मैटरनिटी के संबंधित, जल के वाहन के संबंधित, कांट्रेक्टर - ग्रंथ कर्ता, सिविल, मैकेनिकल, नेवी और इलेक्ट्रिक से संबंधित कार्य करता है।
(3)  कृतिका नक्षत्र
कृत का मतलब काटन कटी हुई आकृति जैसा अर्थ जैसा अर्थ आकृति जैसा अर्थ जैसा अर्थ
कृतिका नक्षत्र राशि पति और शुक्र के लिए मंगल की उष्ण प्रकृति प्रकृति उष्ण प्रकृति प्रकृति और शुक्र सौंदर्य द्वारा आकर्षण चुंबकीय शक्ति नक्षत्र पति सूर्य कर्तव्य परायण और सक्रियता दर्शाते है
प्रथम चरण :-
धनांश 9वे  मेष राशि के नवमांश धनु राशि पति गुरु है

शरीर :- लाल वर्ण मजबूत मसल्स तंदुरुस्त शरीर प्रभावित चेहरा प्रभावित चेहरा शरीर प्रभावित चेहरा कार्यरत रहता है माथे के चेहरे जिंदा रहते हैं
स्वभाव :-
कार्यरत, बहादुर, कंपटीशन करने वाले वाले,  लश्करी स्वाभाव वाले और धगशी, मन लगाकर काम करने वाले, लोगों की टीका करने वाले करने वाले वाले, बुद्धिशाली, सत्ता की चाहत, हिम्मतवान और अभिमानी।
धंधा:-
लश्कर सर्जिकल क्षेत्र में पुलिस में,जुगार में क्षेत्र, डिफेंस क्षेत्र में,  जमीन के नवीन क्षेत्र, ट्रैवल्स एजेंट्स, केमिकल के लगते क्षेत्र ।

दूसरा चरण :- पापांश नवमांश 10वे मकर नवमांश राशिपति शनि है।
शरीर :- लाल आंखें, खील वाला वाला चेहरा, लाल वर्ण, शरीर तंदुरुस्त, दूषित पलके, आगे बढ़ा मस्तक, और खराब दांत ।
स्वभाव :- जुगार की वृत्ति, स्वार्थी, स्वार्थी, समाज से मिलने जुलने वाले, लागनी प्रधान, मानवता वाले, कला, यंत्र, शत्रु विजई ।
धंधा :-  फोटोग्राफी, उन के लगते क्षेत्र, जुगार खेलने, जेवरात के लगते क्षेत्र, किराए के क्षेत्र ।

तीसरा चरण :- 11वा नवमांश कुंभ, राशिपति शनि, नवमांश राशि बनेगी।
शरीर :- लालवर्ण, शरीर तंदुरुस्त ।
स्वाभाव :- विद्या संगी, मानवता वाले वाले, दानवीर, धार्मिक, बुद्धिशाली, इनके शत्रु होते हैं, ईर्ष्यालु, कवि तत्व, कल शक्ति वाले और धनवान और धनवान वाले और धनवान और धनवान ।
धंधा :-  फोटोग्राफी के लगते हैं, चमड़ी के दर्द के निष्णान्त, एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, धर्म के लगती लगती ट्रस्टी, जुगार्च की वृत्ति, सफलता के उन्न वाले, संगीत, नाच गान, डेकोरेशन ।

(4) रोहिणी नक्षत्र :-  धीरे-धीरे जीवन में प्रगति करते हैं ।आरोहण करते हैं। राशि स्वामी शुक्र दूसरेको मोहित करने के गुण और लागनीशील स्वभाव प्रधाना तत्व । नक्षत्रपति चंद्र आनंदी सुंदर और शांत स्वभाव ।

प्रथम चरण :- 9 मार्च मेष राशि पति मेष राशि पति पति मंगल

शरीर :- भरावदार, प्रभावशाली और टालियां ।
स्वभाव :- विवेकी, मीठी वाणी, सुगंधित तेल के शौकीन, स्त्री रथ, अनिश्चित मन के, संगीत के सूची रखने वाले, शूरवीर, लड़ाकू, हिम्मतवान प्रतापी और घमंडी ।
धंधा :- डेरी, फार्म, दूध, सुगंधित तेल, अत्तर, शिरडी, वाहन के लगते क्षेत्र, होटल लॉजिंग, सुखाड़, मोती के लगते क्षेत्र, चमड़े पकाने के क्षेत्र ।

दूसरा चरण :- भाग्य और वृषभ राशि स्वामी शुक्र, दूसरा वनमांश पति बनेगा ।
शरीर :- ऊंचा भरा उदार वायु कप कप वायु कप कप उदार वायु कप कप वायु कप कप की प्रकृति वाला दिखाओ वाला अभ्यास उच्च कक्षाएं पहुंचने की वृद्धि वाला
स्वभाव :- दयालु, धीर - गंभीर, उच्च अभ्यासि, उच्च कक्षा को पहुंचने की वृद्धि वाला ।
धंधा :- बेकरी से जुड़े, वाहन के लगते क्षेत्र, पॉलीटिशियन, शक्कर से जुड़े क्षेत्र ।

तीसरा चरण :- मिथुन राशि पति बुध तीसरे चरण नवमांश राशि स्वामी बनेगा राशि स्वामी बनेगा ।

शरीर :- आंखें कमजोर, छोटे हाथ, कमजोर शरीर, बोलने में हकलाना ।
स्वभाव :-  मस्करी करने वाला, तोफानी, चालाक,  चोरवृति वाला ।
धंधा :- होटल के लगते क्षेत्र, पेट्रोल से जुड़ा, रंग से जुड़ा, गांव के क्षेत्र, ठंडे पानी के क्षेत्र ।

चतुर्थ चरण :- चार कर्क राशि पति चंद्र और चतुर्थ नवमांश स्वामी बनेंगे ।
शरीर :- आकर्षक, देखावी, मध्यम कद के, स्वभाव से बहुत मीठी बोली वाले, आनंदी वाले, आनंदी, आनंदी, फलद्रुप मगज के, पराक्रमी, हल्के से साहित्य वाचक ।
धंधा :- कांच, प्लास्टिक, डेयरी फार्म, पैट्रोल-ऑयल और रंग से जुड़े, वाहन व्यवहार, धनवान, बेकरी, अतर, एसिड के लगते क्षेत्र । 

(5)  मृगशिर्ष नक्षत्र :- हिरन के मुख्य जैसी आकृति, स्फूर्तिले और हलन-चलनशील राशि स्वामी शुक्र और बुध की अति व्यवहारिकता और उत्तेजना पूर्वक स्पूर्ति कारक तत्व और शुक्रनु कलात्मक कौशल्य और वात्सल्य, नक्षत्र स्वामी मंगल की उत्साह और अधीरता भरे हुए गुण ।

पहला चरण :- (राज्यांश) नवमांश 5वा सिंह राशिपति सूर्य नवमंशा स्वामी भी बनता है ।

शरीर :- कानसे  गले के नीचे के भाग तक बाहर उभरी हुई शरीर की नस, खील, गेहू वर्ण, भरावदार शरीर ।
स्वभाव :- उसकेराट भरा, काम विषय में आनंद रखने वाला, स्वार्थी ।
धंधा :- कारखाना, मशीनरी से जुड़े व्यवसाय, ऑटोमोबाइल के व्यवसाय, दर्जी का व्यवसाय, सामुद्रिक कौड़ी, शंख के लगते क्षेत्र, तमाकू के लगते क्षेत्र, ड्राइवर, फोटोग्राफी के लगते क्षेत्र ।

दूसरा चरण :-(चांणडांश) राशि कन्या पति बुध नंबर नंबर स्वामी बनता है ।
शरीर :- फ्फिके शरीरके, सुंदर, गाल पर कम बाल होते हैं ।
स्वभाव :- धर्मिष्ठ, मीठा स्वभाव, संगीतमय आवाजवाले, व्हिमसिकल फिर भी विद्वान वक्ता।
धंधा :- ऐस्टेट के लगते क्षेत्र, पशुपालन प्रदर्शन के क्षेत्र, टैक्स के लगते क्षेत्र, कॉस्मेटिक के लगते क्षेत्र, गता, खाटकी ।

तीसरा चरण :- (अभ्यांश) 7 तुला राशिपति शुक्र नवमांश स्वामी ।
शरीर :- दिखने में सुंदर, मजबूत ह्रदय के, उग्र, जहरीली जीब
धंधा :- औजारों के लगते क्षेत्र, बिजली के सामान के लगती शेत्र, रेडियो, टीवी, तार, टेलीफोन के लगते क्षेत्र, बिल्डिंग कांट्रेक्टर लगते धंधे ।

चौथा चरण :- (निशांश) 8 वृश्चिक राशिपति मंगल अष्टम में, नवमांश का स्वामी भी ।
शरीर :- चौड़ी छाती, मजबूत बाहे, घठीला, लालवर्ण और आकर्षक ।
स्वभाव :- अधीरता, उत्साही, विषयी, आनंदी,  हाजर जवाबी, होशियार, छटादार बोली ।
धंधा :- केबल के लगते क्षेत्र, एस्ट्रोलॉजर, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फल-फूल के क्षेत्र, संदेश व्यवहार क्षेत्र, पशुपालन, जंगल विभाग के सोल्जर, सर्जन, प्रेम और पब्लिकेशन इत्यादि । 
6)  आद्रा नक्षत्र :- पिघलना, आग को बुझाना, राशि स्वामी बुध समय के अनुरूप बुद्धि का उपयोग करना और लोगों को फसाना, नक्षत्र स्वामी राहु नाटक किया पराक्रम करके फल प्राप्ति करना और कौशल्य शक्ति ।

प्रथम चरण :- (कृपांश) नवम नवमांश के स्वामी धनराशि पति गुरु बनते हैं
शरीर :- गेहुवर्ण
स्वभाव :- पापी, झूठे, अंधविश्वासों, अपकारी
धंधा :- एटॉमिक एनर्जी के लगते संशोधन क्षेत्र, कारकून,दारू के क्षेत्र ।

दूसरा चरण :- (तस्करांश) मकर राशिपति शनि, दशमेष नवमांश स्वामी बनते हैं ।
शरीर :- गेहूवर्ण या श्याम वर्ण
स्वभाव :- फौजदारी, गुरह्याकृत झगड़ा करनेवाला धंधा:- कम अभ्यास, हैंडराइटिंग एक्सपर्ट, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट, फिजिक्स के लगते क्षेत्र ।

तीसरा चरण :- (उग्रांश) कुंभ राशिपति शनि ग्यारहवें स्थान में नवमांश स्वामी बनते हैं ।
शरीर :- गेहुवर्ण या श्यामवर्ण और कमजोर बंधारण के
स्वभाव :- क्रियाशील, टीकाकार, ईर्ष्यालु, चोरवृत्ति या घातकि, मिलावट करना
धंधा :- सेल्समैन, स्कॉलर, कम्युनिकेशन क्षेत्र, ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र, पैकिंग के धंधे ।

चौथा चरण :- (उत्कृस्टांश) मीन राशि पति गुरु बारवी स्थान में नवमांश का स्वामी ।
शरीर :- गेहूवर्ण या श्याम वर्ण मजबूत
स्वभाव :- चतुर, विनोदी, घातकी, चोरवृत्ति वाले, गुंडा, ठग और खूनी ।
धंधा :- आर्टिस्ट, सेल्समैन, तार टपाल, रेडियो, टीवी के लगते, एटॉमिक एनर्जी के क्षेत्र, ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र, दवाई दारू के क्षेत्र । 
7)  पुनर्वसु नक्षत्र :- फिर से रहना, या फ घूम घूम कर वसावट करना, राशि पति बुध और चंद्रमा इससे उससे बुध की स्मरण शक्ति, तर्क शक्ति और चंद्र की स्वप्न समान कल्पना शक्ति। नक्षत्र पति गुरु की बौद्धिक शक्ति ।
प्रथम चरण :- उस्मान नवम स्वामी मेष राशि पति मंगल ।
शरीर :- भारी शरीर, सुंदर, लाल आंखें ।
स्वभाव :- बड़े ह्रदय के, न्यायी, सत्यप्रेमी, व्यवहार कुशल, विद्वान, भक्त, मानस शास्त्री ।
धंधा :- सेल्समैन, स्कॉलर, बुक्सेलर, ऑफिसर, एग्जामिनर, ज्योतिष और सेक्रेट्री, व्यापारी, फाइनेंसर इत्यादि ।
दूसरा चरण :- (भाग्यांश) वृषभ राशि, शुक्र शरीर लालवर्ण ऊंचे देखा भी जल्दी से चलना  ।
स्वभाव :- बड़े ह्रदय के, उदार, इंसानियत वाले ।
धंधा :- सेल्समैन, फाइनेंस ब्रोकर, लेखक, पेपर संबंधी धंधे, नौकरी, बीमा दलाल, संदेशवाहक ।

तीसरा चरण :- (सोम्यांश) 3 नवमांश के स्वामी मिथुन राशि पति बुध ।
शरीर :- दुर्बल, सुंदर, आकर्षक .
स्वभाव :- उत्तम याद शक्ति रखने वाले, बुद्धिशाली
धंधा :- जल्दी धनवान, इंस्पेक्टर, कवि, ऑडिटर, सिविल जज, सिविल इंजीनियर, कपड़ों का व्यापारी, रजिस्ट्रार, सेक्रेटरी, व्यापारी, एस्टेट ब्रोकर ।

चौथा चरण :- (धनांश) कर्क राशिपति चंद्रमा नवमांश स्वामी बनेगा ।
शरीर :- गोल चेहरा, मध्यम कद के, रूपवान
स्वभाव :- प्रामाणिक, सत्यप्रेमी, क्षमावान, दयालु, सुधारक ।
धंधा :- बेन्कर, एडवोकेट, जज, नाइक, क्षय निष्णात, नर्स के लगते क्षेत्र, वाटर सप्लायर और मुसाफिरी के क्षेत्र । 

(8) पुष्य नक्षत्र का अर्थ पुष्ट करना होता है या भरना ऐसा अर्थ होता है, राशिपति चंद्रमा शांत और मिठास भरे हुए स्वभाव वाला है और नक्षत्रपति शनि सूझबूझ भरे विचार विचार वाला है ।
पहला चरण :- (भूपांश) सिंह राशिपति सूर्य भूपांश स्वामी बनता है।
शरीर :- मेदस्वि, नाजुक और गौरपीले रंग का लगभग
स्वभाव :- कंजूस, आत्मविश्वास और मजबूत मनोबल
धंधा :- केरोसिन के लगते लगते, कैनाल के लगते, जेल से जुड़े, नाभिक, राज्यों के के लगते और सप्लायर ।

दूसरा चरण :- (सोख्यांश) छठे नवमांशे सौख्यांश स्वामी कन्या राशिपति बुध बनता है ।
शरीर :- कमजोर, रोग ग्रस्त, शरीर
स्वभाव :- पर स्त्री या पुरुष के आधीन, झगड़े करने वाला, लोभी, मित्रोंवाला, धनसंचाई, बुद्धिशाली और धगशी ।
धंधा :- ट्रस्टी, नर्स या मीडवाइन के लगते क्षेत्र, केरोसिन पेट्रोल के लगते क्षेत्र ।

तीसरा चरण :- (शुरांश) सप्तम नवमांश स्वामी तुला राशि पति शुक्र बनता शुक्र बनता है ।
शरीर :- मजबूत, देखावी, सुघड़, फैली हुई छाती वाले
स्वभाव :- शांत स्वभाव के, मायालु, सीधे, धगशी, शुरवीर, मेथडिकल ।
धंधा :- ट्रस्टी, खनिज के लगते, धातु तांबे के लगते लगते क्षेत्र, चर्च के लगते कार्य, धरती के अंदर लगते सभी क्षेत्र, नर्स, पेट्रोल की लगती तथा कोलसा और तेल ।

चतुर्थ चरण :- (दरिद्रांश) आठवां स्वामी वृश्चिक राशि पति मंगल
शरीर :- आकर्षक, गोरा, मध्यम कद के के रोगी
स्वभाव :- विद्वान, चिंगुस
धंधा :- लोगों का हक छीनने की वृत्ति, जेलर, खोद काम करना, तेल के लगते काम, धनवान बन कर दरिद्र बनते हैं दरिद्र बनते हैं बनते हैं हैं ।

 
(9)  आश्लेषा नक्षत्र :- किसी भी प्रकार की अपेक्षा के बिना जवाबदारी यों को उठाकर उन कामों को यशस्वी कर के नाम कमाते हैं, राशि पति चंद्रमा सुख में मस्त रहने वाले गुण नक्षत्र पति बुध व्यवहारिक पहुंच योग्यता मधुर भाषी
पहला चरण :- (उत्पन्नाशं) नवमांश नव स्वामी धनु राशि पति गुरु
शरीर :- कद्रूपी, मध्यम कद के, लंबगोल चेहरा
स्वभाव :- सतकर्मी, पढ़ाई में होशियार, ग्रहण शक्ति, बहुत अच्छे, बहुत अच्छे, नकल करने में होशियार ।
धंधा :- यार्नन के लगते, मूसाफरी के लगते, दलाल, शाही के क्षेत्र, प्राणियों के लगती काम ।

दूसरा चरण :-(पापांश)दशम नवमांश स्वामी मकर राशि पति शनि
शरीर :- कद्रूप या श्याम वर्ण के, मध्यम कद के
स्वभाव :- व्यसनी, तूफानी, संगीत के शौकीन, गलत मार्ग पर धन खर्च करने वाले वाले ।
धंधा :- नकल करना, आंतरराष्ट्रीय काम काम, पेंटिंग के काम, नर्स ।

तीसरा चरण :- 11वा नवमांश क्रोधांश कुंभ राशिपति शनि
शरीर :- बीमारी वाला, वायु की तकलीफ और गेहू वर्ण के
स्वभाव :- बहुत बोलने वाले, ठग, पापी, क्रोधी और प्रामाणिक
धंधा :- पत्र व्यवहार के लगते लगते के लगते लगते क्षेत्र, ट्रैवलिंग एजेंट, व्यापारी, वाटर सप्लायर के लगते क्षेत्र ।

चौथा चरण :- (क्रोधांश) नवमांश 12वे में उग्रांश के स्वामी शनि राशिपति गुरु बनते हैं
शरीर :- गेहूं की या श्याम वर्ण, मध्यम कद के, मध्यम कद के, गठीला स्वरूप
स्वभाव :- लेखन, वाचन के शौखिन, मूसाफरी के शौकीन
धंधा :- सेल्समैन, व्यापारी, पब्लिशर, रंग के लगते काम, चित्रकार, दुभाषिया और इंजीनियर । 


(10) मघा नक्षत्र :- सर्व प्रकार की संपन्न धन-धान्य धन-धान्य से भरे हुए कोठार सूर्य जी राशि स्वामी होने से उनका स्वभाव परोपकारी और पराक्रमी तथा अधिकारी सत्ता की लालसा वाला स्वभाव नक्षत्र पति की दो दो त्याग और सेवा वृत्ति के गुण

प्रथम चरण :- (सेनांश) एक नवमांश सेनांश के स्वामी मेष राशिपति मंगल
शरीर :- पीली आंखों वाला, रेशमी बाल, भरावदार, छाती और बाह के भाग बड़े, सुखी घर में जन्म होता है ।
स्वभाव :- स्वतंत्र मिजाजी, सुखी जीवन बिताते हैं, अभय, लड़ायाकवृति और स्त्री के के या पुरुष के आधी
धंधा :- फिजिशियन, केमिकल्स, मेडिकल के क्षेत्र, चश्मा केला क्षेत्र, त्वचा के रोग के निशान, ट्रांसपोर्ट, ऑटोमोबाइल्स ।

दूसरा चरण :-(न्यायांश) दूसरा नवमांश वृषभ राशि शुक्र स्वामी बनते हैं ।
शरीर :- सुंदर, गेहूवर्ण, सफेद कपड़े
स्वभाव :- एकांत वासी, दानी, सुधारक, ईर्ष्यालु, स्वतंत्र स्वभाव के ।
धंधा :- नाभिक, वाहन के लगते काम काम, बॉयलर के लगते काम, कोर्ट कचहरी के के के के काम, कोर्ट कचहरी के के के, कोर्ट कचहरी के के काम ।

तीसरा चरण :- (विचक्षनांश) तीसरे नवमांश स्वामी मिथुन राशि बुध बनते हैं हैं बनते हैं हैं ।
शरीर :- विचक्षण, श्यामवर्ण, भरावदार शरीर ।
स्वभाव :- विद्वान, बुद्धिशाली, विवेकी, वफादार ।
धंधा :- ट्रस्ट, एडवोकेट, जज्, तत्व विवेचक, बैंक के काम ।
चौथा चरण :- (धनांश) चौथा नवमांश स्वामी कर्क राशि पति पति चंद्रमा ।
शरीर :- शामवर्ण, खुन्धे, मध्यम कद के और रोगिष्ट।
स्वभाव :- पति या पत्नी के आगे पिघलने वाला, वफादार, विवेकी ।
धंधा :- ट्रस्टी, हेड, फैक्ट्री के लगते लगते काम, तांबे के लगते काम, स्टील के लगते काम काम, खदान के लगते काम, होम्योपैथिक के लगते लगते, एस्टेट के लगते काम काम ।
 

(11) पूर्वा फाल्गुनी :- पूर्व जन्म के कर्मों के अनुसार कल्याणकारी फल देनारी राशि स्वामी रवि स्वामीनी और अधिकारो की लालसा वाली स्वभाव नक्षत्र स्वामी शुक्र रंगीन और शक्तिशाली तत्व शारीरिक कला उत्तम ।
प्रथम चरण :- (राज्यांश) नवमांश 5 स्वामी सिंह राशि पति सूर्य सूर्य।
शरीर :- कमजोर दिखाओ की परंतु सुंदर और परंतु सुंदर और आंखें अंदर
स्वभाव :- आनंदी स्त्री या पुरुष का संघ पसंद आता है विनय विवेक
धंधा :- व्यापार सट्टा शेर और वचन के काम स्टॉक एक्सचेंज केमिस्ट के काम ।

दूसरा चरण :- (नपुंसक) नवमांश सात स्वामी कन्या राशि पति बुध ।
शरीर :- श्याम वर्ण, नाजुक, आकर्षक ।
स्वभाव :- आनंदी, मिलजुल वाला, वैभवी, सहासिक
धंधा :- रिफाइनरी, कॉस्मेटिक, वाहन व्यवहार, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट, केमिकल्स ।

तीसरा चरण :- (अभ्याशं) नवमांश सात स्वामी शुक्र राशि तुला
शरीर :- भरावदार, मजबूत, मल्ला जैसा
स्वभाव :- रुढिचुस्त, कसरत प्रेमी, गणित के शौकीन ।

चौथा चरण :- (दरिद्रांश) नवमांश 8 स्वामी वृश्चिक राशि पति मंगल
शरीर :- मजबूत पहलवान जैसा
स्वभाव :- एकांत प्रिय कसरत और कुश्ती प्रेमी, वैरागी
धंधा :- सैनिटरी, केमिकल्स, ड्रग्स, सेल्समैन संगीत के क्षेत्र ।
 

(12)  उत्तराफाल्गुनी जीवन की शुरुआत किए हुए काम उत्तरार्ध में में फल देते हैं राशि पति राजा जैसे गुण फिर भी अधिकार रोकने की वृद्धि और बुद्ध की व्यवहार पढ़ता बुद्धि स्पष्ट वक्ता ।

प्रथम चरण :- (उत्पनांश) नवमांश नवम उत्पनांश स्वामी धनु राशि पति गुरु गुरु पति गुरु गुरु ।
शरीर :- रूपवान, तंदुरुस्त, सुधार और और स्वच्छ
स्वभाव :- स्वतंत्र मिजाजी किसी के हाथ के नीचे काम करना पसंद नहीं, जल्दी में काम करने वाले, अभय और तूफानी ।
धंधा :- कॉमर्स, सरकारी कामों में बड़े अधिकारी, मैनेजिंग डायरेक्टर, चीफ एडमिनिस्ट्रेटर, डिबेटर, हाथ के नीचे नौकर रखने वाले ।

दूसरा चरण :- (पापांश) नवमांश 10 मकर राशि पति शनि ।
शरीर :- गेहूं वर्ण, मध्यम कद के, लंबगोल चेहरे वाले । स्वभाव :- भोजन की बाबत में लापरवाही, धर्मिष्ठ ।
धंधा :- जेल से लगे हुए काम, मेडिकल के काम, डिज़ाइनर, इंजीनियर, कंसलटेंसी ।

तीसरा चरण :-(उग्रांश)  नवमांश 11वी राशि स्वामी कुंभ राशिपति शनि ।
शरीर :- श्यामवर्ण, मध्यम आकार के ।
स्वभाव :- खाने में कितना भी खा लेंगे, कंकाश वाले, अभिमानी ।
धंधा :- खदान से लगते काम, पत्थर कॉल से के के काम ।

चौथा चरण :- (शुभांशु) नवमांश शुभांशु राशि मीन स्वामी गुरु ।
शरीर :- देखने में सुंदर तंदुरुस्त पतले पतले बंधारण वाले
स्वभाव :- संगीत सुगंधित पदार्थका वपराश करने वाले, अच्छे स्वभाव के ।
धंधा :- मिठाई के धंधे, सुखाड़, कंदोई, मिन्ट वर्क, पोस्ट के लगते काम काम। 

(13) हस्त नक्षत्र  हस्थ या चिरंजीव युवक का प्रतिक ,   राशि पति बुध की व्यावहारिकता और सूझबूझ भरी हुई बुद्धि नक्षत्र पति चंद्रमा वात्सल्य प्रेम और सुंदरता

प्रथम चरण :- (बालारिष्ट) एक नवमांश बालारिष्ट राशि मेष स्वामी मंगल स्वामी मंगल होते हैं ।
शरीर :- गोल चेहरे वाले, मध्यम कद के, सुंदर, मजबूत, शरीर के तंदुरुस्त ।
स्वभाव :- शेखचिल्ली विचार, बीमार पड़ना ।
धंधा :- वाहन, स्टैमरिंग फ्लेयरिंग एजेंट, टैक्सटाइल, इंजीनियरिंग ।

दूसरा चरण :- (भाग्यांश) नवमांश दूसरा  भाग्यांश राशि वृषभ स्वामी शुक्र ।
शरीर :- सुंदर, लंब गोल चहेरा और शरीर में थोड़े मोटे ।
स्वभाव :- विद्याव्यासंगी, छापकाम, ज्यादा बोलने वाले
धंधा :- पब्लिशर, प्रिंटिंग, नेवी और पोर्ट ट्रस्ट के लगते काम, कपड़े क्षेत्र ।

तीसरा चरण :- (पंडितांश) नवमांश तीन स्वामी मिथुन राशि पति बुध
शरीर :- गेहूं वर्ण के, मध्यम कद के, पतले कद काठी के के काठी के के ।
स्वभाव :- तीखा, लेहरीला, मोज़िला, उमदा ।
धंधा :- व्यापार, मजबूर भूस्तरशास्त्री, खदान के लगते काम, सेल्समैन, वक्ता ।

चौथा चरण :- (धनांश) नवमांश धनांश-4 स्वामी कर्क राशि पति चंद्र ।
शरीर :- मध्यम कद के, सुंदर गोल चेहरे वाले ।
स्वभाव :- ज्यादा मिठाई खाने वाले, मोज़िला, ठंडाई पीने के शौकीन, साहित्य शौकीन ।
धंधा :- वाहन, स्टीमर के लगते काम, नेवी, टैक्सटाइल, कांच और चश्मे के लगते क्षेत्र । 

(14)  चित्रा नक्षत्र :- ऐसा चित्र जो नयन समक्ष आ जाता है तो व्यक्ति देखता है तो व्यक्ति देखता रहता है राशि पति बुद्धा बुद्धा प्रीतम बुद्धिमता स्मरणशक्ति नक्षत्रपति मंगल हृदय पूर्वक कर्म करके फल पाने की लालसा ।

प्रथम चरण :-(नृपांश) नवमांश पांच स्वामी सिंह राशि पति सूर्य
शरीर :- खूबसूरत, प्रतिभाशाली, लाल वर्ण, के ऊंचे।
स्वभाव :- युक्ति बाज, लुच्चे, दूसरों की गलतियां देखना है ।
धंधा :- प्रिंटिंग, प्रेस, टाइपिंग के लगते काम, कंप्यूटर के लगते काम, लश्कर, मैकेनिकल इंजीनियर ।

दूसरा चरण :- (नपुंसकांश) नवमांश नपुंसकांश राशि कन्या राशिपति बुध स्वामी है
शरीर :- खूबसूरत, मजबूत शारीर के, लंबगोल चेहरा वाले ।
स्वभाव :- फलद्रुप दिमाग वाले, व्यापारलक्षी, थोड़े चिंगुस, मीठे, संगीत के शौकीन, प्रेमी, स्वार्थी ।
धंधा :- प्रकाशक, चार्टर्ड अकाउंटेंट, बैंक के लगते काम, प्रोफेसर, प्रिंसिपल ।

तीसरा चरण :-(अभ्यांश) नवमांश सात अभ्यांश राशि तुला और स्वामी शुक्र ।
शारीर :- श्यामवर्ण, खूबसूरत, चौरस जैसा मुख, तंदुरुस्त ।
स्वभाव :- आनंदी, शांति चाहक, समतोल मन के के, समतोल मन के, ब्रिलियंट ।
धंधा :- भागीदारी, लेखक, ग्रंथकर्ता, प्रिंटिंग प्रेस के लगते काम, पब्लिशर, वार्ताकार, कंप्यूटर के लगते काम ।

चौथा चरण :- (दरिद्रांश) आठवीं राशि वृश्चिक नवमांश स्वामी बनते हैं ।
शारीर :- गेहूंवर्ण, सुंदर, ऊंचे, खूब मजबूत कद काठी के ।
स्वभाव :- संतोष मस्तिष्क के, प्रेमी वैभव, भोगविलास भोगने वाले, परोपकारी, आनंदी ।
धंधा :- सेल्समैन, भागीदारी, सेकंड हैंड सामान रिपेयरिंग और लेन-देन के लगते व्यापार, ट्रांसपोर्ट, लोकल रोड व्यापार ।
 
(15) स्वाति नक्षत्र :- स्वाति का मतलब सु-अति अथवा अति सुंदर ऐसा अर्थ होता है राशि स्वामी शुक्र सौंदर्य काला और शक्ति कारक तत्व राशि पति राहु कौटिल्य नीति, धृतनीति, नाटकीय शक्ति में उत्तम।

पहला चरण :- (उत्पन्नाशं) नव नवमांश उत्पन्नाशं स्वामी धनु राशि अधिपति गुरु
शरीर :- सुंदर, मजबूत कद काठी के, मध्यम कद के,
स्वभाव :- परोपकारी, हिम्मतवान, विद्वान, होशियार,
धंधा :- साहित्य बाबत में पीछे रहते हैं, एटॉमिक एनर्जी के लगते संशोधक, स्कॉलर, स्टोर कीपर ।

दूसरा चरण :- (धनांश) नवमांश दस स्वामी मकर राशि अधिपति शनि
शरीर :- श्याम वर्ण, कदरूपे, मजबूत ।
स्वभाव :- फौजदारी, गुढ इंसान, कम पढ़े हुए ।
धंधा :- हैंडराइटिंग एक्सपर्ट, फिजिक्स, मजूर, मजूरी जैसे काम, नौकरी जैसे काम ।

तीसरा चरण :- (उग्रांश) 11 में नवमांश उग्रांश स्वामी कुंभ राशि पति शनि ।
शरीर :- श्याम वर्ण, मध्यम कद के, देखावी ।
स्वभाव :- कामगरी, निंदाखोर, इर्ष्यालु, गफले करने वाले, लुच्चे ।
धंधा :- सेल्समेन, ट्रांसपोर्ट, तार, टपाल, रेडियो, टीवी के लगते काम, ग्रंथकर्ता, गुड्ज़ के काम।

चौथा चरण :- (उत्पन्नश) नवमांश बारह उत्पनांश स्वामी मीन राशि अधिपति गुरु
शरीर :- रूपवान, ऊंचे कद के, गेहुवर्ण के, मजबूत शरीर के ।
स्वभाव :- चतुर, विनोदी, लगानिशील, प्रभु भक्त, कुदरती प्रेरणा वाले ।
धंधा :- आर्टिस्ट, सेल्समैन, मैकेनिक, संशोधक । 

(16) विशाखा नक्षत्र :- जिसकी कोई सर काम नहीं होती नहीं वैसा जिसकी कोई शाखा नहीं राशि पति शुक्र और मंगल और मंगल पति शुक्र और मंगल जिसमें शुक्र के गुण और मंगल के जैसे जैसे जैसे क्षत्रपति गुरु चाणक्य नीति में सच और झूठ पर रखने के शक्तिशाली के शक्तिशाली शक्तिशाली
प्रथम चरण :- (सोख्यांश) नवमांश पहेला सोख्यांश स्वामी मेष राशि अधिपति मंगल
शरीर :- तंदुरुस्त, देखावी, आकर्षक ,ऊंचे कद के।
स्वभाव :- बारंबार वस्त्र बदलने वाले, मानवतावादी, विवेकी, विनय ।
धंधा :- जज्, इनकम टैक्स, लेन-देन के लगते क्षेत्र, दादाली, पैसों की लेनदेन वाले क्षेत्र ।

दूसरा चरण :- (भाग्यंश) नवमांश दो राशि वृषभ राशि पति शुक्र ।
शरीर :- देखावी, खानदानी, ऊंचा कद के के, मजबूत, तंदुरुस्त ।
स्वभाव :- तीव्र बुद्धिशाली, खानदानी, नौकरों के लिए उदार स्वभाव के, घूमने के शौकीन ।
धंधा :- कायदे और इनकम टैक्स, प्लास्टिक, गिलास के लगते के लगते क्षेत्र, अखबार के लगती क्षेत्र ।

तीसरा चरण :- (सौम्याशं) तीसरा चरण सोमयांश मिथुन राशि अधिपति बुध ।
शरीर :- तंदुरुस्त, देखावी, गेहूं वर्ण के, ऊंचे शरीर के, आकर्षक ।
स्वभाव :- शांति चाहत, न्यायी नीतिवाले, सत्तकर्मी, वैभव भोगने वाले ।
धंधा :- जज, इनकम टैक्स के काम, ट्रांसपोर्ट, बैंक के काम ।

चौथा चरण :- चतुर्थांश कर्क राशि चंद्र
शरीर :- ऊंचे कद के कितनी बार मोटापा पर भारी शरीर
स्वभाव :- बहुत होशियार संजू टीका खोल जल्दी से क्रोध आता आता जल्दी से क्रोध आता जल्दी से क्रोध आता है ।
धंधा :- पॉलिटिक्स बैंक आचार्य प्रिंसिपल शिक्षक 

(17) अनुराधा नक्षत्र :- जो विजातीय व्यक्तियों को आकर्षक करें वह विशिष्ट मनमोहन वह विशिष्ट मनमोहन करें वह विशिष्ट मनमोहन करने की शक्ति वाले वाली आंख ऐसा अर्थ होता है स्वामी मंगल कि पराक्रम वृद्धि होने से भोग विलास और लालसा ज्यादा होती है ।
नत्रपति :- शनि चिकित्सक करवा करने वाले, परोपकारी गुण ।

प्रथम चरण :- (नृपांश) नवमांश पांच नृपांश सिंह राशि पति सूर्य ।
शरीर :- पतले बंधारण वाले, ऊंचे, उम्र से ज्यादा उम्र दिखने वाले ।
स्वभाव :- गप्पी दास, मजूर जैसे, ज्यादा कंजूस ।
धंधा :- खान पीन के के काम, प्याज़, आलू, करियाणा के व्यापारी, सीआईडी ।

दूसरा चरण :- (नपुसकांश) छठा नवमांश नपुसकांश कन्या राशि पति बुध ।
शरीर :- तंदुरुस्त, मजबूत बांधा, सुंदर दिखने वाले ।
स्वभाव :- संगीत, संगीत वाद्यके शौकीन, परपुरुष या परस्त्री के आधिन ।
धंधा :- चमड़े के लगते, खुदाई काम ।

तीसरा चरण :- (अभयांश) सातवा अभयांश नवमांश तुला राशि पति शुक्र ।
शरीर :- तंदुरुस्त, बड़े चेहरे वाले, प्रभावशाली चेहरा ।
स्वभाव :- धीर-गंभीर, आत्मातत्वचिंतक, सुधारक, योगासन करने वाले, झड़प से काम करने वाले ।
धंधा :- उन और बाल से लगते काम, खदान के काम, धातु के काम ।

चौथा चरण :-(नीचांश) आठवा नीचांश नवमांश वृषिक  राशिपति चंद्र ।
शरीर :- सुदृढ़ बांधा, देखावी, सुंदर मध्यम कद के ।
स्वभाव :- होशियार, अच्छी याद शक्ति वाले, तत्व ज्ञानी ।
धंधा :- आचार्य, शिक्षक, संशोधक, धर्म प्रबंधक, ज्योतिषी, मैनेजर । 

(18) जेष्ठा नक्षत्र :- खुद की होशियारी और काबिलियत के द्वारा उच्च पद हासिल करने वाले, राशि स्वामी मंगल अशुभ गुन अधिकारी की लालसा, अधिकारों का दुरुपयोग करनेवाले । नक्षत्र स्वामी बुध प्रपंची बुद्धिवाले ।

प्रथम चरण :- (उत्पनांश) नवमांश नव धनु राशि पति गुरु गुरु
शरीर :- लंबी नाक, दिखने में सुंदर, सुगठित शरीर, प्रभावशाली चहेरा ।
स्वभाव :- होशियार, ज्यादा टीका खोर, तीव्र बुद्धिशाली, वैभवी ।
धंधा :- वकील, एक्टर, सेल्समैन, रिप्रेजेंटेटिव, लाइजन, ऑफिसर ।

दूसरा चरण :- (उग्रांश) नवमांश दश उग्रांश मकर राशि पति शनि ।
शारीर :- गोल चेहरा, देखने में सुंदर, मध्यम कद के ।
स्वभाव :- बुद्धिशाली, शांति, पद्धतिसर, अनुभवी, समझदार ।
धंधा :- लश्कर के क्षेत्र, मेकेनिक, सरकारी प्रेस, सरकारी बैंक, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स ।

तीसरा चरण :-(पापांश) 11 नवमांश पापांश कुंभ राशिपति शनि ।
शरीर :- दिखने में सुंदर, शरीर छोटा और मुडेहुए बाल, ऊंचा कद ।
स्वभाव :-लगानिशील, भावनावाले, प्रतिज्ञा को निभाने वाले ।
धंधा :- मिकेनिक के काम, प्रेस, टेक्नोलॉजी के काम, लोहा के पुल बांधने के काम, कॉस्ट अकाउंट, इंसपेक्टर ।

चौथा चरण :- (शुभांश) नवमांश मीन राशि गुरु
शरीर :- तंदुरुस्त और मजबूत, लंबी नाक, उनकी आंखें अंदर से होती है, बैठे हुए गाल ।
स्वभाव :- धार्मिक वृत्तिवाले, लागनिशील स्वभावना वाले ।
धंधा :- धर्म प्रचारक, ऑडिटर, इनकम टैक्स के काम, चार्टर्ड अकाउंटेंट, मैनेजर, धातु के काम । 

(19) मूल नक्षत्र :- कोई भी वस्तु की शुरुआत करने वाले, पेड़ के मूल का भाग अंतिम भाग, राशि पति गुरु न्याय, दयालु स्वभाव, नक्षत्र पति केतु सेवा और आध्यात्मिकता के गुण ।
प्रथम चरण :- (तस्करांश) प्रथम नवमांश तस्करांश मेष राशि पति मंगल ।
शरीर :- मोटा भंवरे जैसा, गठीला शरीर, देखने में सुंदर, मोटी आंखें ।
स्वभाव :- लोभी, हिम्मतवान, कर्मयोगी, प्रभु से डरना, उत्साही ।
धंधा :- फिजीशियन, कभी-कभी सट्टेबाजी, वायदे, शेयर स्टॉक के के धंधे करने वाले, स्त्री को स्वतंत्रता देनेवाले, बैंक के काम, धर्म के लगते काम ।

दूसरा चरण :-(भाग्यांश) दो वृषभ राशिपति शुक्र ।
शरीर :- पुष्ट और गठीला शरीर, सुंदर चेहरे वाले।
स्वभाव :- डरपोक, आत्मबल बिना के, चंचल मन और चरित्रहीन स्वभाव ।
धंधा :- पॉलिटिक्स, बैंक के एक्सपोर्ट, परदेस गमन, सर्जन डॉक्टर, सर्जन डॉक्टर, परदेश में जाने से नसीब खुलना, प्रदेश में जाकर नसीब आजमाने वाले ।

तीसरा चरण :- (विचाक्षणांश) नवमांश तीन मिथुन राशिपति बुध ।
शरीर म:- जबूत शरीर के, देखकर में सुंदर, सुंदर पतला शरीर ।
स्वभाव :- महत्वकांक्षी, आत्माविश्वासु, उत्साही ।
धंधा :- कॉलेज बैंक और फिजिक्स के लगते काम, शेर सट्टेबाजी ।

चौथा चरण :- (धनांश) नवमांश चार कर्क राशिपति चंद्र ।
शरीर :- दिखाव में सुंदर शरीर, पतला ऊंचा ।
स्वभाव :- आलसी, खामी भरे निर्णय, पढ़ाई में होशियार ।
धंधा :- सब प्रकार के धंधे करने करने वाले, जुगाड़, सट्टेबाजी , स्टॉक लेनदेन, व्यापारी, भागीदारी के काम, अकाउंटेंट काम, अकाउंटेंट, अकाउंटेंट, ज्योतिषी।
 

(20) पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र :- जीवन का पूर्व भाग ,राशिपति गुरु को स्वार्थ के साथ परमार्थ के गुण, नक्षत्र पति शुक्र के रंगीन और गहरी कल्पना शक्ति ।

प्रथम चरण :- (उत्पन्नाशं) पांचवा नवमांश सिंह राशिपति सूर्य ।
शरीर :- गठीला रूपवान, मोह में डालने वाला दिखाव, गोल चेहरा, बड़ी आंखें, आकर्षक, वात्सल्य दृष्टि वाले ।
स्वभाव :- शत्रु विजय, ज्यादा आत्मबल वाले, वात्सल्य की भावनावाले, स्तिर मनके, चरित्रवान ।
धंधा :- स्पैक्यूलेशन के लगते काम, मिडवाइफ के काम ।
दूसरा चरण :-(अभ्यांश) नवामांश अभ्यांश कन्या राशिपति बुध ।
शरीर :- भरारा गठीला शरीर शरीर, कोमल, दिखने में प्रभाववाला चेहरा।
स्वभाव :- डरपोक, विश्वास करने लायक नहीं, बहुत विषयों के लंपट, चरित्रहीन, चरित्र दिखने में बनावट करने वाले ।
धंधा :- कुछ भी करके धन एकत्रित करने की वृत्ति, पेट्रोल के लगते काम, दूध के लगते काम, रब्बर के रखते काम, ऑटोमोबाइल्स, ट्रांसपोर्ट ।

तीसरा चरण :- (भाग्यांश) 7 नवमांश तुला राशिपति शुक्र ।
शरीर :- भरा शरीर, आकर्षक दिखाओ, ऊँचा विशाल ।
स्वभाव :- हिम्मतबाज शरीर, महेनतु, ज्यादा विश्वास ।
धंधा :- अच्छी रीत से कमाई करनेवाले, स्टेट के काम, एसेसमेंट ऑफिसर, इनकम टैक्स, आचार्य ।

चतुर्थ चरण :-(उग्रांश) नवमांश आठ वृश्चिक राशिपति मंगल ।
शरीर :- लंबी नाक वाले, आंखें दिखने में सुंदर, मोह में डालने वाला दिखाओ ।
स्वभाव :- अस्थिर विचार के, संगीत के शौकीन, विद्वान ।
धंधा :- रेलवे के लगते क्षेत्र, अकाउंटेंट, ऑडिटर, इनकम टैक्स के काम, वाइस चांसलर, आचार्य, शिक्षक के काम, टीवी के काम । 

(21) उत्तरा षाढा नक्षत्र :- उम्रके के पिछले भाग में व्यक्तिको सुख की प्राप्ति देनेवाला नक्षत्र, राशिपति गुरु और शनि जिसमे गुरु न्यायी और परोपकार के गुण और शनि के चिकित्सा के गुण , नक्षत्रपति सूर्य के स्थिर और उदार गुण ।

प्रथम चरण :-(उत्पन्नाशं) नवमा नवामांश उत्पन्नाशं धनु राशिपति गुरु ।
शरीर :- भारी शरीर, गोल चेहरा, आकर्षक चेहरा, सुंदर दिखाव ।
स्वभाव :- विद्याव्यासंगी, परदेश की डिग्री वाले, प्रगति कारक ।
धंधा :- फिजीशियन, मेडिकल क्षेत्र, रिजर्व बैंक, सरकारी खाता, पॉलिटिकल, मिनिस्टर, जज, एजेंट ।

दूसरा चरण :- (पापांश) दशमा नवमांश पापांश मकर राशिपति शनि
शरीर :- मोटा प्रभावशाली चेहरा, गेहूंवर्ण ।
स्वभाव :- धर्मिष्ठ, बार-बार धंधा या नौकरी बदलने वाले, भागीदारी पसंद ।
धंधा :- जेल के लगते क्षेत्र, जहरीली दवाई के क्षेत्र, प्रिंसिपल, शिखाने के क्षेत्र, फिलोसोफर, मेडिकल के क्षेत्र, धर्म प्रवर्तक संत, बायोलॉजी केला क्षेत्र ।

तीसरा चरण :- (शोभनांश)बरवा नवमांश कुंभ राशिपति शनि ।
शरीर :- मजबूत हड्डी वाला शरीर, बड़ी भवरों वाला, पतला शरीर ।
स्वभाव :- सोच समझकर बोलने वाले बोलने वाले, पुख्ता सबूत ढूंढने वाले ।
धंधा :- जियोलॉजिस्ट, मेटल, सीमेंट के काम, आर्किटेक्ट, आर्टिफिशियल बाल बनाने वाले ।

चौथा चरण :-(शोभनांश) 12वा नवमांश शोभनांश राशिपति गुरु
शरीर :- पतला शरीर, गहरी आंखें, देखने में सुंदर ।
स्वभाव :- ज्यादा बोलने में हकलाहट, ज्योतिषी जानने के शौकीन शौकीन ।
धंधा :- जज, विज्ञान के क्षेत्र, जियोलॉजिस्ट, हड्डियों के लगते क्षेत्र, पत्थर माटी के लगते काम, सीमेंट के लगते धंधे, परदेश गमण, सरकारी कार्य । 

(22) श्रवण नक्षत्र :- सुनने की शक्ति या सेवा वृति की आज्ञा का पालन करना ऐसा अर्थ होता है, राशिपति शनि कष्ट सहन करके कष्ट सहन करके कर्तव्य का पालन करने के गुण नक्षत्रपति चंद्रा योजनात्मक कार्यशील, रसिक और शांत स्वभाव के और शांत स्वभाव के ।

पहला चरण :- (मंगलांश) प्रथम नवमांश मंगलांश मेष राशिपति मंगल ।
शरीर :- हड्डियों से भरा हुआ, पतला और सुखा सुखा हुआ शरीर ।
स्वभाव :- डरपोक, स्थिर मनके, निराशावादी ।
धंधा :- भागीदारी, सीमेंट के लगते काम, बाल के लगते काम, सैनिटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, खेती के लगते काम ।

दूसरा चरण :- (भाग्यांश) नवमांश दो वृषभ राशिपति शुक्र ।
शरीर :- पतला सुखा, हटा दिया दिखने वाला शरीर दिखने वाला शरीर दिया दिखने वाला शरीर दिखने वाला शरीर छाती और माथे पर ज्यादा बाल ज्यादा बाल बाल पर ज्यादा बाल ज्यादा बाल बाल स्वभाव मूसा फ्री पसंद और पसंद और घर बार-बार बदलने वाले मानसिकता धीर गंभीर धंधा पुजारी फादर पादरी मौलवी मौलवी शिक्षक और सिखाने के काम पब्लिसिटी और प्रोपेगेंडा खिलाते काम आचार्य ट्रस्टी काम आचार्य ट्रस्टी तीसरा चरण नाम तृतीया निशाना मिथुन राशिफल निशाना मिथुन राशिफल शरीर ऊंचा पतला गांव गांव के यहां गेहूं गेहूं या श्याम वर्ण के स्वभाव निराशावादी अस्थिर मन के ज्यादा बोलने वाले धंधा मोटे कपड़ों का व्यापारी खेती के काम सैनिटरी के काम बुक सेलर सेलर सेलर काम बुक सेलर सेलर सेलर लेखक चौथा चरण दिनांक 9 मार्च 4 राशि स्वामी कर्क राशि पति चंद्र शरीर चंद्र शरीर सुंदर गहरी आंखें वाले स्वभाव धीर और गंभीर सट्टेबाजी की मानसिकता वाले धंधा एक्सचेंज पेट्रोल खुदाई के काम सीमेंट खान खान क्षेत्र संगीत के क्षेत्र क्षेत्र 

(23) धनिष्ठा नक्षत्र :- जिसमें सबसे ज्यादा निष्ठा होती है वह, ज्यादा निष्ठा वाला, अच्छे ज्ञान वाला व्यक्ति, राशि स्वामी कष्ट सहन करने करने की और कर्तव्य पालन के गुण, नक्षत्र स्वामी मंगल के निश्चय पूर्वक पराक्रम करने के गुण ।

पहला चरण :- (नृपांश) नवमांश सिंह राशि पति सूर्य
शरीर :- पतला पर मजबूत शरीर, ऊंचा, गेहूंवर्ण
स्वभाव :- पुराने सामान को रिपेयर करने की वृत्ति ।
धंधा :- मशीनरी पार्ट्स के लगते काम, पुराने सामान रिपेयर करने के काम, पुराने शस्त्रो को रिपेयर करने के काम, खेती-बाड़ी के औजारों के लगते काम ।

दूसरा चरण :-(सौम्यांश) नवमांश छ कन्या राशि पति बुध ।
शरीर :- पतला, सुकीलकड़ी परंतु मस्कुलर शरीर
स्वभाव :- बार-बार घर बदलने वाले, तत्वज्ञानी, मानवतावाद और उदार, इज्जत वाले ।
धंधा :- फिलोसॉफर, प्रिंसिपल, आचार्य, शिक्षक, फाइनेंस ।

तीसरा चरण :- (अभयांश) नवमांश सात तुला राशिपति शुक्र ।
शरीर :- पतला, सुघटीला शरीर, गेहूंवर्ण शरीर
स्वभाव :- बुद्धिशाली, गणितज्ञ, यंत्र-तंत्र के जाना जानकार, भूशास्त्री।
धंधा :- मिकेनिकल इंजीनियर, जियोलॉजिस्ट, खदान के लगते कार्य ।

चौथा चरण :- (कृरांश) नवमांश 8 स्वामी राशिपति मंगल ।
शरीर :- रूपवान, दिखने में सुंदर, आकर्षक, मध्यम कद के ।
स्वभाव :- भूस्तर, पुराणी मूर्तियों की शौकीन, वस्त्र अलंकारों के शौकीन ।
धंधा :- चमड़े के मूर्तिकार, डिफेंस, डिफेंस के काम ।
 

(24) शततारका नक्षत्र :- 100 वर्ष की आयु देने वाला ऐसा अर्थ, राशि स्वामी शनि स्थिर बुद्धि के साथ संशोधक नक्षत्रपति राहु अप्रतिम कलात्मक तत्व ।
प्रथम चरण :- (उत्पनांश)नवम नवमांश उत्पनांश स्वामी धनु राशि पति गुरु गुरु ।
शरीर :- मध्यम कद के श्याम वर्ण, मजबूत शरीर ।
स्वभाव :- भक्त, धार्मिक वृत्तिवाले, सटीक मनके ।
धंधा :- साहित्य, सर्जन में पीछे न पड़ने वाले, एटॉमिक एनर्जी, संशोधन के लगते काम, स्कॉलर, रीडर, स्टोककीपर, लेखक, फाइनेंस ।

दूसरा चरण :-(पापांश) नवमांश के स्वामी मकर राशि पति शनि ।
शरीर :- श्याम वर्ण, कमजोर बंधारण वाले, मध्यम कद के ।
स्वभाव :- डरपोक, पढ़ाई में मन नहीं लगते ।
धंधा :- घरेलु दवाई, गलत दस्तावेज, गलत काम से जमीन हड़पने वाले, गुंडागिरी, वसूली करना ।

तीसरा चरण :-(भयांश) ग्यारह नवमांश कुंभ राशिपति शनि ।
शरीर :- पतले, बड़ा मस्तक सुंदर ।
स्वभाव :- अभ्यासी, लेखन वाचन के शौकीन, चतुर, विनोदी ।
धंधा :- बुक सेलर, कॉस्मेटिक के क्षेत्र, बोटमैन ।

चौथा चरण :- (सौम्यांश) नवमांश 12 मीन राशि पति गुरु ।
शरीर :- दिखने में सुंदर, ऊंचे, गठीला मजबूत शरीर ।
स्वभाव :- विद्या संगीत, समदर्शी ।
धंधा :- एटॉमिक एनर्जी, संशोधक, जाहिरात के लगते कार्य, दवाई के क्षेत्र, मिकेनिकल इंजीनियर। 

(25) भाद्रपद नक्षत्र पूर्वा :- पूर्व के किये हुए कल्याणकरी कार्य के कर्मो से मिलने वाला फल, राशि स्वामी शनि, गुरु जिसमें शनि की तीव्र दूरदर्शिता, बुद्धि, गुरु के समझदार, नक्षत्र स्वामी गुरु न्याय, परोपकारी स्वभाव ।

प्रथम चरण :- (सेनांश) नवमांश एक मेष राशि पति मंगल
शरीर :- मध्यम कद के, सुंदर, रक्त से भरा शरीर ।
स्वभाव :- स्वतंत्र मन के, चरित्रवान धार्मिक ।
धंधा :- धार्मिष्ठ, ट्रस्टी, फिलोसोफर, शिक्षक, प्रिंसिपल ।

दूसरा चरण :- (भाग्यांश) नवमांश दो वृषभ राशि पति शुक्र ।
शरीर :- गेहूंवर्ण का, मध्यम कद के ।
स्वभाव :- साहसीक, हिम्मतवान, भजन गाने के शौकीन ।
धंधा :- जर्नलिस्ट, नोवेल्टी, तंत्री, प्रकाशक, बैंक एजेंट, एस्टेट ब्रोकर ।

तीसरा चरण :- (विचक्षनांश) नवमांश 3 मिथुन राशिपति बुध ।
शरीर :- सुंदर, उजले ।
स्वभाव :- टिपटॉप रहने वाले, सुगंधित पदार्थ के शौकीन ।
धंधा :- एडवोकेट, जज्, गर्ल्स स्कूल के लगते क्षेत्र, सरकारी नौकरी, केला क्षेत्र ।

चौथा चरण :-(उग्रांश) नवमांश चार कर्क राशिपति चंद्र
शरीर :- गेहूंवर्ण, मध्यम कद के, तेजस्वी चेहरे वाले ।
स्वभाव :- विनयी, विवेकी, अस्तिर, शांतिपूर्वक जीवन बिताने की भावना वाले
धंधा :- बगीचे के कार्य, दूध के लगते, नेवी के लगते कार्य, जज, एडवोकेट । 

(26) उत्तराभाद्रपद नक्षत्र :- जवानी में किए हुए कार्य के उत्तरार्ध में शुभ फल देने वाला, राशिपति गुरु धर्म और नीति के अनुसार चलने वाला, काम करना, नक्षत्र पति शनि, धीरज पूर्वक काम पूर्ण करने की गुण दर्शाता है ।

प्रथम चरण :-(तिक्षणांश) नवमांश पांच सिंह राशि पति सूर्य ।
शरीर :- गेहूंवर्ण, ऊंचा, सुंदर ।
स्वभाव :- रिजर्व्ड, धीरज गंभीर, बुद्धिशाली ।
धंधा :- अनाज के व्यापारी, धनवान, इंजीनियर, खदान के कार्य, स्टॉकिस्ट ।

दूसरा चरण :-(सौम्यंश) नवमांश छ राशि स्वामी कन्या राशि पति बुध ।
शरीर :- मध्यम कद के, सुंदर, मजबूत शरीर ।
स्वभाव :- कोमल, ग्रहण करने की वृत्ति, स्वार्थी ।
धंधा :- वहीवट सम्बंधित, ऑइल, पेट्रोल के लगते कार्य ।

तीसरा चरण :-(अभ्यांश) नवामांश सात तुला राशि पति शुक्र ।
शरीर :- सफेद लाल जैसा, तंदुरुस्त, मध्यम कद के ।
स्वभाव :- उदार, मानवतावादी, अभिमानी ।
धंधा :- सरकारी कार्य, मेन्ट के कार्य, मजिस्ट्रेट, सोनी, मिकेनिकल इंजीनियर ।

चौथा चरण :-(उग्रांश) नवमांश आठ वृश्चिक राशिफल
शरीर :- तंदुरुस्त, सुंदरवन, मध्यम कद के ।
स्वभाव :- आशावादी, सदा उत्साही, विशाल, मन के
धंधा :- फिजिशियन, जमीन स्थावर मिल्कत के कार्य, दलाल, बैंक के लगते कार्य, पॉलिटिकल और खदान के कार्य । 

(27)  रेवती नक्षत्र :- जीवन में छोटी-छोटी उसके लिए मुरझाए फूल के जैसा । राशि पति गुरु दया और उदारता के गुण, नक्षत्रपति बुध व्यावहारिकता, समय के अनुकूल बनने की बन के काम करने की वृत्ति ।

पहला चरण :- (उत्पानांश) नवमांश धनु राशि पति गुरु ।
शरीर :- दिखने में सुन्दर, ऊंचे, गंभीर चेहरे वाले ।
स्वभाव :- आशावादी, सदा उत्साही, विशाल मनके, पढ़ने में होशियार, चंचल मन के, कानून और साहित्य के शौकीन ।
धंधा :- जर्नालिस्ट, अकाउंटस्, गणितज्ञ, बैंक के लगते कार्य, ऑडिट के कार्य, सारा ज्योतिषी, सिविल इंजीनियर ।

दूसरा चरण :- (पापांश) नवमांश 10 मकर राशि शनि ।
शरीर :- रूपवान, आनंद, हसमुख, ऊंचे, मजबूत शरीर के, लंबे, पतले हाथ और पैर ।
स्वभाव :- सोशियल, बड़े ह्र्दयके, बहुत सारे मित्र और सुधारक ।
धंधा :- ट्रांसपोर्ट, संगीत के साधन, पेंटिंग, रेडियो, ट्रांजिस्टर, रब्बर, चश्मे, सिनेमा, केमिस्ट, कवि, लेखक, ज्योतिषी, प्रदशन के क्षेत्र, चीफ इंजीनियर, पैसे लेनदेन के काम में  नहीं उतरना चाहिए जो भी ब्याज से होते हैं वह, वाटर सप्लाई के लगते कार्य ।

तीसरा चरण :- (उग्रांश) नवमांश 11 कुंभ राशिपति शनि ।
शरीर :- मध्यम कद के, तंदुरुस्त शरीर, गोला आँखे, श्याम वर्ण ।
स्वभाव :- बहुत काम करने वाले, ऑर्गेनाइजर करने की शक्तिशाली ।
धंधा :- कोर्ट कचहरी के क्षेत्र, पोस्ट ।

चौथा चरण :- (शोभनांश) नवमांश मीन राशिपति गुरु ।
शरीर :- उम्र के साथ ऊंचाई बढ़ती है, ऊंचे पतले, पीले वर्ण के, अंदर आंखें, मजबूत मजबूत शरीर के, उम्र से कम दिखने वाले ।
स्वभाव :- स्वच्छ विचार के, आगमचेती, न्यायी, भक्त ।
धंधा :- ट्रांसपोर्ट, सुगंधी पदार्थ के कार्य क्षेत्र, प्रदशन कार्य, बैंक अकाउंट, सेल्समैन, स्टेशनरी से लगते कार्य, साहित्य और कॉमर्स के कार्य, ग्रंथकर्ता, खदान के क्षेत्र, शिक्षक, कायदा क्षेत्र 

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