ग्रह स्वरूप

सूर्य ग्रह
सूर्य ग्रहों का राजा है विराट गुगराले बाल, चातुर बुद्धि मुख्य स्वरूप, मध्यम कद ,मधु और पिंगल वर्ण युक्त, सुंदर नेत्र ,शूरवीर तेजस्वी , रक्त श्याम मिश्रित वर्ण, पितृ प्रकृति, हड्डी -सार युक्त ,महान गंभीर ,चतुष्कोण ,विपुल बाहु युक्त पितांबर धारी सूर्य का स्वरूप है ।पूर्व दिशा का स्वामी , ग्रहों का राजा, सूर्य से कटु रस ,देवस्थान ,मोटा वस्त्र, ताम्र धातु और अयन का निर्णय करते हैं।

चंद्र ग्रह
चंद्रमा सौम्य, सुंदर नेत्र युक्त ,मृदुभाषी ,गौर वर्ण, युवा उन्नत ,सूक्ष्म तथा सरल काले बाल युक्त , सात्विक,वात कफ प्रकृति युक्त,मित्र प्रिय, रक्तसार युक्त, दयावान, वृद्धि स्त्री में लीन, अत्यंत सुंदर और श्वेत पितांबर धारी ।चंद्रमा से नमकीन रस ,जल स्थान, नवीन वस्त्र ,मणि धातु, मुहूर्त निर्णय एवं वर्षा निर्णय किया जाता है।

मंगल ग्रह 
मंगल सेनापति है। मंगल छोटे कद वाला, पिंगल नेत्र वाला, दृढ़ शरीर,ज्वलित अग्नि के समान क्रांति युक्त, चंचल नेत्रयुक्त, लाल वस्त्र धारी, अत्यंत चतुर, शूर, हस्व तथा सुंदर केशवाला, युवा,पित्त प्रकृति, तमोगुण, साहसी, घात कुशल ,लाल गौर वर्ण युक्त होता है। मंगल लाल रंग, तिकत स्वाद का,अग्नि स्थान का, जले हुए वस्त्र का, सुवर्ण का,दिन का एवं ग्रीष्म ऋतु का प्रतिनिधित्व करता है।

बुध ग्रह
बुध ग्रह युवराज है बुध रक्त एवं लंबी आंख वाला, मृदुभाषी,दूर्वा दल के सदश श्याम वर्ण वाला, चर्म सार से युक्त, अत्यंत रजोगुणी, स्पष्ट वक्ता,वात पित्त कफ तीनों प्रकृति युक्त, पृष्ट, मध्यम स्वरूप युक्त, सुंदर,निपुण, शिरादी से आवृत्त, वेश एवं वचन से सब का अनुकरण करने वाला और पलाश समान वस्त्र धारण करने वाला, मिश्रित रसादि युक्त,कीड़ा स्थान का नेतृत्व करने वाला, जल से भीगे हुए वस्त्र एवं का कस्यादी मिश्रित धातु का प्रतिनिधित्व करता है बुध से ऋतु निर्णय और बुध से शरद ऋतु का निर्णय किया जाता है।

गुरु ग्रह
गुरु किंचित पिंगल वर्ण के नेत्रवाला, मृदुभाषी,सिंह गर्जन के समान शब्द वाला, स्थिर बलवान, विशुद्ध स्वर्ण समान वर्ण वाला, मोटा तथा उन्नत साल से युक्त, हास्व काय, धर्म में लीन,विनीत,चतुर, तीक्ष्ण बुद्धि वाला ,क्षमा वान, पितांबर धारी,कफप्रकृती युक्त एवं मेंद प्रधान शरीर वाला। मधुर रस, कोष स्थान यानी भंडार, चांदी धातु किन्तु बृहस्पति स्व स्थान का हो तो सुवर्ण का प्रतिनिधित्व करता है।बृहस्पति से मास एवं हेमंत ऋतु का निर्णय किया जाता है।

शुक्र ग्रह
शुक्र सुंदर लंबी बाहु से युक्त,छाती एवं मुख वाला, वीर्य अधिक,क्रांति मान, काले कुटिल पतले लंबे बालों से युक्त, दुर्गा दल समान श्याम, कामी,वात कफ प्रकृति वाला,सुंदर वर्ण, चित्र विचित्र वर्ण के वस्त्र धारी,राजस प्रकृति युक्त, क्रीडा करने वाला, बुद्धिमान विचार, नेत्र युक्त, स्थूल स्कन्द प्रदेश से युक्त स्वरूप वाला होता है। शुक्र से खट्टा रस,मुक्ता धातु, पक्ष निर्णय, वसंत ऋतु और सुंदर वस्त्र का निर्णय किया जाता है।

शनि ग्रह
शनि पिंगल वर्ल्ड तथा निम्न (धंसी हुई) आंखों से युक्त, कृशशरीर, दीर्घ सिरा युक्त, आलसी, कृष्ण वर्ण, वायु प्रकृति, अत्यंत शठ, स्नायु युक्त, निर्दय, मूर्ख,स्थूल नख - दांत युक्त,अत्यंत मलिन, क्रांति रहित, अपवित्र,तामस प्रकृति युक्त, भयंकर, निरंतर क्रोध से युक्त, वृद्धावस्था युक्त,कृष्ण वस्त्र धारी होता है। शनी से कषाय रस,फटे हुए वस्त्र, उसर भूमि, शिशिर ऋतु एवं पक्ष का निर्णय किया जाता है ।शनि लोहा धातु का प्रतिनिधित्व करता है।

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